उत्तर प्रदेश के जमीनी किस्से !
१) एक गैस एजेंसी पर नया नियम आया है की गैस बुकिंग के लिए गैस बुक पर प्रमाणित फोटो लगी होनी चाहिए तभी गैस बुक की जा सकती है ! बहुत आसान नियम है जिसे चंडीगढ़ में सिर्फ एक नोटिस बोर्ड से ही शुरू किया जा सकता है .. पर उत्तर प्रदेश में नए नियम के बाद गैस एजेंसी के काउंटर पर ...
रोज की तरह कोई लाइन नहीं है , २० - २५ लोग काउंटर को घेर कर खड़े है और सभी ने अपने अपने गैस बुक हाथ में लिए हाथ आगे बुकिंग स्टाफ की तरफ कर रखे है ...इतने सारे हाथ मानो स्टाफ को उठाकर ले जाने की तय्यारी हो ..कुछ लोग शोर कर रहे है की इतनी देर हो गयी औरो को बुकिंग दिए जा रहे हो ,.कुछ दरखास्त कर रहे है की अरे कर दो भाई अपने को ऑफिस के लिए लेट हो जायेगा ...और कुछ को स्टाफ खुद ही पीछे के गेट से अन्दर बुला लेता है क्यूंकि वो उसके जानने वाले है ...
स्टाफ - कितनी देर से कह रहा हूँ की जिनकी किताब पर फोटो नहीं है उनकी गैस बुक नहीं होगी !
पहला ग्राहक - कर दो भाई ..पिछली बार तक तो होती ही थे..अब तुम्हारे लिए फोटो कहाँ से लायें ?
स्टाफ- माफ़ करो भाई .
पहला ग्राहक - ऐसी क्या बात है ,खामाखाँ परेशांन करते हो जनता को ..कह तो रहे है की अगली बार लगवा देंगे फोटो इस बार कर दो ...नहीं है तो कहाँ से लायें ?
दूसरा ग्राहक पहले ग्राहक से --भाई साहब आपका नहीं हो रहा न तो हटो , मुझे बात करने दो !
दूसरा ग्राहक- भाई कोई रास्ता है तो कर दो , बड़ी दूर से आयें है , जब सामने खड़े है तो क्या जरूरत फोटो की ..अरे जब कनेक्शन दिया था तो पहचानते तो की ही थी न ..
स्टाफ - ये कम्पनी का नियम है मैंने नहीं बनाया .
तीसरा ग्राहक- देख भाई हम कम्पनी नहीं जाने यहाँ पे तो तू ही बैठा है ..कहे तो ........ जी से बात करावा दे ..रिश्तेदार है हमारे !. बेवजह फोटो के लिए परेशान कर रहा है ..फोटो नहीं होगी तो क्या हो जायेगा ... इतनी थी तो घर फ़ोन कर के बता देता की अगली बार बुकिंग करने आओ तो फोटो लेकर ही आना !
चौथा ग्राहक - भाई मेरे पास फोटो है .मेरी फोटो सर्टिफाई कर मेरी बुकिंग कर दे ..
स्टाफ - अरे ये फोटो नहीं चलेगी , ये बहुत पुरानी है ? पहचान ही नहीं होती
चौथा ग्राहक - देख लो सर कुछ हो जाए तो .. चल जायेगी ये फोटो भी आप चाहोगे तो चल जायेगी ..
स्टाफ - नहीं भाई ..
चूता ग्राहक - मैनजर साहब कहाँ है उनसे बात करूंगा ..क्यूं नहीं चलेगी फोटो ?
पांचवा ग्राहक - देख भाई मुझे तो कागज पे साइन कर के दे की फोटो नहीं है तो गैस नहीं मिलेगी ..मैं पत्रकार हूँ कल अखबार में देखना तुम !
ऐसे ही भीड़ बदती रहती है लोग आते रहते है ...मजमा चलता रहता है काउंटर पर ... शायद चार पांच महीने में सबकी गैस बुक पर फोटो लग जाए !
२) दिल्ली से रामपुर की रोड फोरलेन बन जाने पर भी वहां बसों की स्पीड नहीं बड़ी... पहले भी बस १८० किलोमीटर के लिए ६ घंटे लेती थी और अब भी, जबकी चंडीगढ़ से दिल्ली २५० किलोमीटर के लिए ५ घंटे| ..इतना समय क्यूं लगता है ? क्यूंकि एक साइड अगर ५ मिनट के लिए भी ब्लाक हो जाए तो उत्तर प्रदेश के स्वाभीमानी लोग किसी के पीछे लग इन्तजार नहीं करते बल्कि दूसरी साइड में चले जाते है फिर चाहे कितनी ही दूर उल्टा चलना पड़े या डीवाईडर को तोडना ही पड़े ..... फिर थोड़ी देर बाद दोनों साइड ब्लाक हो जाती हैं और पुलिस के बिना नहीं सुलझती ! एक साइड ब्लाक क्यूं हो जाती है ? क्यूंकि अधिकतर ही ट्रक ओवर लोड चलते हैं और ख़राब होते रहते हैं ? ट्रक ओवरलोड क्यूं चलते हैं ? क्यूंकि पुलिस का खौफ बस इतना है की पकड़ेंगे तो रूपए लेकर छोड़ देंगे ? पुलिस रूपए क्यूं लेती है ? क्यूंकि उस पुलिस वाले को कमाई की जगह पर पोस्टिंग इसलिए मिली है की उसने आगे किसी को रूपए दिए है और देने हैं ? मजा तब है जब आप बस में होते हैं और आपके पीछे वाला यात्री बीडी जलाता है ..और बस कनडकटर यात्री की पास आता है ..आप सोचते है की अब बीडी बंद ..और कनडकटर बीडी पीने वाले यात्री से कहता है की माचिस मिलेगी क्या ? फिर बस बाईपासो के होते हुए भी बीच शहर में हर चौराहे पर दो चार यात्रियों को उतारते चडाते चलती रहती है धीरे धीरे आप भी मूंगफली के छिकले गाडी में फैलाते और बस में चलते नदीम श्रवन के गाने सुनकर कर टाइम पास करते रहते हैं !
निश्चित ही ये एक व्यवश्था चरित्र है जो किसी सरकार से नहीं बदलेगा !
१) एक गैस एजेंसी पर नया नियम आया है की गैस बुकिंग के लिए गैस बुक पर प्रमाणित फोटो लगी होनी चाहिए तभी गैस बुक की जा सकती है ! बहुत आसान नियम है जिसे चंडीगढ़ में सिर्फ एक नोटिस बोर्ड से ही शुरू किया जा सकता है .. पर उत्तर प्रदेश में नए नियम के बाद गैस एजेंसी के काउंटर पर ...
रोज की तरह कोई लाइन नहीं है , २० - २५ लोग काउंटर को घेर कर खड़े है और सभी ने अपने अपने गैस बुक हाथ में लिए हाथ आगे बुकिंग स्टाफ की तरफ कर रखे है ...इतने सारे हाथ मानो स्टाफ को उठाकर ले जाने की तय्यारी हो ..कुछ लोग शोर कर रहे है की इतनी देर हो गयी औरो को बुकिंग दिए जा रहे हो ,.कुछ दरखास्त कर रहे है की अरे कर दो भाई अपने को ऑफिस के लिए लेट हो जायेगा ...और कुछ को स्टाफ खुद ही पीछे के गेट से अन्दर बुला लेता है क्यूंकि वो उसके जानने वाले है ...
स्टाफ - कितनी देर से कह रहा हूँ की जिनकी किताब पर फोटो नहीं है उनकी गैस बुक नहीं होगी !
पहला ग्राहक - कर दो भाई ..पिछली बार तक तो होती ही थे..अब तुम्हारे लिए फोटो कहाँ से लायें ?
स्टाफ- माफ़ करो भाई .
पहला ग्राहक - ऐसी क्या बात है ,खामाखाँ परेशांन करते हो जनता को ..कह तो रहे है की अगली बार लगवा देंगे फोटो इस बार कर दो ...नहीं है तो कहाँ से लायें ?
दूसरा ग्राहक पहले ग्राहक से --भाई साहब आपका नहीं हो रहा न तो हटो , मुझे बात करने दो !
दूसरा ग्राहक- भाई कोई रास्ता है तो कर दो , बड़ी दूर से आयें है , जब सामने खड़े है तो क्या जरूरत फोटो की ..अरे जब कनेक्शन दिया था तो पहचानते तो की ही थी न ..
स्टाफ - ये कम्पनी का नियम है मैंने नहीं बनाया .
तीसरा ग्राहक- देख भाई हम कम्पनी नहीं जाने यहाँ पे तो तू ही बैठा है ..कहे तो ........ जी से बात करावा दे ..रिश्तेदार है हमारे !. बेवजह फोटो के लिए परेशान कर रहा है ..फोटो नहीं होगी तो क्या हो जायेगा ... इतनी थी तो घर फ़ोन कर के बता देता की अगली बार बुकिंग करने आओ तो फोटो लेकर ही आना !
चौथा ग्राहक - भाई मेरे पास फोटो है .मेरी फोटो सर्टिफाई कर मेरी बुकिंग कर दे ..
स्टाफ - अरे ये फोटो नहीं चलेगी , ये बहुत पुरानी है ? पहचान ही नहीं होती
चौथा ग्राहक - देख लो सर कुछ हो जाए तो .. चल जायेगी ये फोटो भी आप चाहोगे तो चल जायेगी ..
स्टाफ - नहीं भाई ..
चूता ग्राहक - मैनजर साहब कहाँ है उनसे बात करूंगा ..क्यूं नहीं चलेगी फोटो ?
पांचवा ग्राहक - देख भाई मुझे तो कागज पे साइन कर के दे की फोटो नहीं है तो गैस नहीं मिलेगी ..मैं पत्रकार हूँ कल अखबार में देखना तुम !
ऐसे ही भीड़ बदती रहती है लोग आते रहते है ...मजमा चलता रहता है काउंटर पर ... शायद चार पांच महीने में सबकी गैस बुक पर फोटो लग जाए !
२) दिल्ली से रामपुर की रोड फोरलेन बन जाने पर भी वहां बसों की स्पीड नहीं बड़ी... पहले भी बस १८० किलोमीटर के लिए ६ घंटे लेती थी और अब भी, जबकी चंडीगढ़ से दिल्ली २५० किलोमीटर के लिए ५ घंटे| ..इतना समय क्यूं लगता है ? क्यूंकि एक साइड अगर ५ मिनट के लिए भी ब्लाक हो जाए तो उत्तर प्रदेश के स्वाभीमानी लोग किसी के पीछे लग इन्तजार नहीं करते बल्कि दूसरी साइड में चले जाते है फिर चाहे कितनी ही दूर उल्टा चलना पड़े या डीवाईडर को तोडना ही पड़े ..... फिर थोड़ी देर बाद दोनों साइड ब्लाक हो जाती हैं और पुलिस के बिना नहीं सुलझती ! एक साइड ब्लाक क्यूं हो जाती है ? क्यूंकि अधिकतर ही ट्रक ओवर लोड चलते हैं और ख़राब होते रहते हैं ? ट्रक ओवरलोड क्यूं चलते हैं ? क्यूंकि पुलिस का खौफ बस इतना है की पकड़ेंगे तो रूपए लेकर छोड़ देंगे ? पुलिस रूपए क्यूं लेती है ? क्यूंकि उस पुलिस वाले को कमाई की जगह पर पोस्टिंग इसलिए मिली है की उसने आगे किसी को रूपए दिए है और देने हैं ? मजा तब है जब आप बस में होते हैं और आपके पीछे वाला यात्री बीडी जलाता है ..और बस कनडकटर यात्री की पास आता है ..आप सोचते है की अब बीडी बंद ..और कनडकटर बीडी पीने वाले यात्री से कहता है की माचिस मिलेगी क्या ? फिर बस बाईपासो के होते हुए भी बीच शहर में हर चौराहे पर दो चार यात्रियों को उतारते चडाते चलती रहती है धीरे धीरे आप भी मूंगफली के छिकले गाडी में फैलाते और बस में चलते नदीम श्रवन के गाने सुनकर कर टाइम पास करते रहते हैं !
निश्चित ही ये एक व्यवश्था चरित्र है जो किसी सरकार से नहीं बदलेगा !