रेप !
विदेश में शिक्षित भारत के पहले कानून मंत्री बाबा साहब अम्बेडकर और देश के
पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरु की नई और स्वच्छ सोच का धन्यवाद् की अधिकतर जनसँख्या पुरानी पुरुषवादी विचारधारा की होने के बावजूद भी भारत के कानून में स्त्री और पुरुषो को सामान
कानूनी अधिकार मिल सके | पर भारत जैसे , कानूनी रूप से स्त्री और पुरुष को सामान
अधिकार देने वाले देश में हर घंटे २ से अधिक बलात्कार हो रहे हैं | क्या कानूनी बदलाव कोई
भी सामाजिक बदलाव लाने में असमर्थ रहा ?
क्यूं दहेज़ के खिलाफ सबसे कठोर कानून होने पर भी दहेज़ प्रथा नहीं हट सकी और क्यूं कानूनी रूप से पिता की संपत्ति में
बेटी और बेटे को सामान अधिकार होने पर भी सम्पति सिर्फ बेटों में ही बांटी जाती रही है ? क्या
कानून गलत है या उसे निभाने वाले लोग ?
देश में हर २२ मिनट में कोई एक बलात्कार
हो रहा है और हर दो चार महीने में कोई ऐसी रेप की घटना भी होती है जो मीडिया की नज़र में खबर बनने के काबिल होती है , हर समाचार चैनल घटना के बारे में घंटों
के प्रोग्राम चलाता है, पुलिस पर सवाल उठाये जाते हैं , नेताओं को भी चर्चा के कटघरे में लिया जाता है, देश के बड़े विचारक लम्बी चर्चाएँ करते हैं , इन लम्बी चर्चाओं में जब कोई रूडिवादी
विचारक ,अपनी पुरानी समझी जाने वाली सोच
से महिलाओं को तन ढकने वाले कपडे पहनने या देर रात को घर से न निकलने या डांस
बार्स में न जाने जैसी सलाहे देता है तो
सभी चैनलों के नयी सोच वाले विचारक एकमत से उसकी इस सोच को ही महिलाओं की बदहाली का
कसूरवार सिद्ध कर देते हैं |
अब पता नहीं कौन सही कौन गलत क्यूंकि क्या होना चाहिए इसका
उत्तर बहुत आसान होता है और क्या किया जा सकता है इसका उत्तर बहुत कठिन !
होना चाहिए की हर किसी को अपनी पसंद के कपडे पहने की आजादी हो , होना चाहिए की
हर किसी को किसी भी समय निर्भय घर से निकलने की आजादी हो , होना चाहिए की हर किसी को
अपनी पसंद की जगह अकेले जाने की आजादी हो
फिर चाहे वो डांस बार्स हों या समुद्र का किनारा | इस तरह समाचार चैनलो के कार्यक्रम इस विचार के साथ ख़त्म हो जाते हैं की “देश की सोच बदलनी होगी “..
और इस दिशा में भारत ने कितने कदम बढायें
हैं ये ऐसे पता चलता है की "गूगल ट्रेंड्स"
द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार “sex” शब्द गूगल सर्च करने वाले दुनिया के टॉप 10 शहरों में से 7 भारत से हैं , और टॉप 5 में से 5 | चिकनी चमेली और जलेबी बाई जैसे
गाने जनता द्वारा इतने पसंद किये जाते है की इन्हें फिल्म की सफलता के लिए जरूरी
माना जाता है , यहाँ 50 उम्र पार कर चुके अधेड़ सरकारी अधिकारी भी अपने
केबिन को बंद कर पोर्न देखते पाए जाते हैं ,पार्लियामेंट चलती रहती है और एम् ल ऐ
साहब मोबाइल पोर्न में व्यस्त रहते हैं, 4 - 5 बच्चो के पिता भी यहाँ
बलात्कार करने वालों में होते हैं और ५-६ साल की बच्चियों को भी हवस का शिकार बनाया जाता है, इन सब बातो से जाहिर है की , India is a mentally ill & sexually unsatisfied country!
देश की इस बीमारी का इलाज़ किये बिना रेप को को देश से ख़त्म करना मुश्किल होगा, वैसे भी ये एक ऐसा देश है जहाँ आदमी अकेले मैं कुछ है और भीड़ मैं कुछ और ,अँधेरे
में कुछ है और उजाले में कुछ और , कमरे
में कुछ है और बाहर कुछ और, एक के साथ कुछ
है और दुसरे के साथ कुछ और........
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